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darbhanga

पग-पग पोखरि माछ मखान,

मधुर बोल मुस्की मुंह पान l

 विद्या-वैभव केर प्रतीक,

ललित नगर दरभंगा थीक ll     

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माँ उचैठ भगवती

कारी पत्थर पर उत्कीर्णित  माँ दुर्गाक प्रतिमा धरतीक  गर्भ सं निकलल छथि.   इ मिथिलाक एकटा महत्वपुर्ण सिद्धपीठ अछि. शारदीय नवरात्र क' समय में एखनो तंत्र-सिद्धि में  तल्लीन तांत्रिक एत देखल जाइत अछि. हिनके आशीर्वाद सं हम सभ (shandilya group) www.jaimithila.com ,क निर्माण क सक्ल्हूँ. तें माँ उचैठ भगवतीक नाम सं एकटा समूह बनायल गेल अछि. अपने सभ सं आग्रह जे ऐहि समूह में सम्मिलित भ हमरा सभ कें प्रोत्साहित करी.

धन्यवाद .            

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damodarpur

www.jaimithila.com , miithilak pahil community aur entertainment website achi, jahike maadhyam sa hum apna gaam ke naam sa group create kenau aur aahana sab sa nivedan je ahi communnity ke join karu .

जगत जननी मैया जानकीक जन्मभूमि आ महर्षि याज्ञवल्क्य, गौतम, कपिल, कणाद आदिक कर्मभूमि रहल मिथिला प्राचीन भारतीय संस्कृति आ दर्शनक संवाहक वर्त्तमान धरि रहल अछि |
                   राजा निमिक देह स उत्पन्न मिथि द्वारा पालित भूमि मिथिला में उत्पत्तिक कारने सीता आ एतुका भाषा मैथिली आ बसिंदा मैथिल कहौलन्हि | भौतिक एश्वर्य आ अध्यात्मिक उत्कर्ष स परिपूरित मिथिलाभूमि पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम द्वारा अहल्याक उद्धार आ सिताक पाणिग्रहण कैल गेल |
                  जगतगुरु शंकराचार्यक दर्पक खंडन केनिहार भारती मंडन केर भूमि पर मैथिल कवि-कोकिल विद्यापति, अयाची मिश्र, मदन उपाध्याय ,गोनू झा आदि सन कतेको विभूति अवतरित भेल छथि| मिथिलाक प्राचीन संतान में एहन दिव्यात्मा सभ छलाह जनिक जन्म स इ कृतकृत्य आ संसार प्रसिद्द भs गेल अछि|
                  वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित परंपरा "पंजी- प्रबंध" क निर्माण एत` सात सौ(७००) वर्ष पूर्वहि भs गेल छल| मिथिलाक पावनि-तिहार में नैतिक आ खेल कूद में ब्रम्हज्ञानक रहस्य समायल अछि| गंगा स हिमालय आ गण्डकी स कौशिकी धरि विस्तृत मिथिला भूमि पर देवी तीर्थ आ शिव तीर्थ ठाम ठाम पसरल अछि | एत` हस्तशिल्पक विकास लोकजीवन शैलीक अनुरूप भेल छल| बलिराज गढ़, जयमंगलागढ़ आदि ऐतिहासिक स्थल पुरातत्व विभागक लेल आ राज दरभंगा द्वारा कतेको ठाम निर्मित भवन, मंदिर, पोखरि आदि पर्यटन विभागक वास्ते महत्वपूर्ण भs सकैत अछि |
                 एहन गौरवपूर्ण अतीतक स्वामिनी मिथिला आई उपेक्षित छथि| मिथिलाक प्राचीन संस्कृतिक आ ऐतिहासिक धरोहरक रक्षा आ मिथिलावासी में संवादहीनता क` स्थिति समाप्त करबाक उद्देश्य स www.jaimithila.com क` निर्माण भेल अछि |


                          
जय मिथिला, जय मैथिलि, जय मैथिल

 

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